Google+ Followers

Monday, 4 July 2016

Galiyon Ki Bajanran

आँखो को इंतजार की सोगात सोप कर,
मोहब्बत खुद आराम से कही सो जाती है,
ज़िस्म करवट बदलता है रात भर अकेला ,
रूह तेरी गलीयो की बंजारन हो जाती है..

No comments: