Google+ Followers

Wednesday, 6 July 2016

इनकी ज़रूरत पड़ेगी।

समेट कर ले जाओ..
अपने झूठे वादों के अधूरे क़िस्से..
अगली मोहब्बत में तुम्हें फिर..
इनकी ज़रूरत पड़ेगी।

No comments: